प्राथमिक शिक्षा की समस्याएँ – Problems of Primary Education in Rajasthan

आज का‌ हमारा यह आर्टिकल प्राथमिक शिक्षा की समस्याएँ क्या होती है इसके बारे में हैं हम सब अच्छा education चाहते है पर कई सारे कारणो से हमें हमारी इच्छानुसार बेहतरीन एजुकेशन नही मिल पाता आज का हमारा यह आर्टिकल इसी के बारे में है

Problems of Primary Education in Rajasthan




भारत में अन्य देशों की तुलना‌ में शिक्षा की बहुत ज्यादा कमी देखने को मिलती है न्यु सरकारी विधालय में अक्सर कई सारी समस्या देखने को मिल जाती है जबकि अगर आपको अच्छा एजुकेशन चाहिए तो इसके लिए आपको प्राइवेट विधालय में प्रवेश लेन होता है।

हम आपको कुछ ऐसी समस्या बता रहे है जो आपने अक्सर कई विधालय में देखी होगी व अगर आपको इसके‌ बारे में पता नही है तो आप हमारा यह पूरा आर्टिकल पढे ताकि आपको इसके बारे में बतायी गयी पूरी जानकारी समझ में आ सके

Problems of Primary Education in Rajasthan

प्राथमिक शिक्षा की भारत में कई सारी कमियाँ हमे देखने को मिल जाती है जिसमे कुछ समस्या के बारे में हम आपको बता रहे है

  • अध्यापक की कमी
  • खराब माहौल
  • बेरोजगारी
  • आरक्षण

1. अध्यापक की कमी

ज्यादातर विधालय में आपको अध्यापक की कमी देखने को मिल जाती है जिसके बारे में आप सब जानते है यह अधिकांश सरकारी विधालय में होता है इसके कारण प्राइमरी आदि की पढाई सही तरीके से नही हो पाती

ऐसी स्थिति में लोग अच्छे अध्ययन के लिए प्राइवेट विधालय में जाना पसंद करते है ताकि उनको अध्यापकों की कमी महसूस ना हो व यह एक बहुत बडी समस्या होती है प्राइमरी शिक्षा में

आपने देखा होगा की अक्सर इस समस्या के समाधान के लिए धरने आदि होते रहते है पर कई‌ कोशिशों के बाद भी इस समस्या से पूर्ण निजात प्राप्त नही हो पाती ये एक बहुत गम्भीर समस्या है।

2. खराब माहौल

आपने‌ देखा होगा की कई विधालय का माहौल बेहद खराब रहता है क्युँकि आपने देखा होगा‌ की बहुत से अध्यापक पढाने की बजाय बच्चों के साथ जोक करते रहते है व संगीत आदि करते रहते है इससे वो बच्चों का‌ मनोरंजन तो कर लेते है पर इससे उनका भविष्य खराब हो जाता है।

यह समस्या सरकारी विधालय में सर्वाधिक देखने को मिलती है क्युँकि सरकारी विधालय में अध्यापकों पर कोई विशेष दबाव नही होता जिससे की इस प्रकार की गतिविधियों पर लगाम‌ की जा सके

इस प्रकार के माहौल में बच्चे सिर्फ मनोरंजन ही कर पाते है जबकि अच्छे भविष्य का इसमें दूर दूर तक कोई रिश्ता नही होता

3. बेरोजगारी

प्राइमरी की शिक्षा में यह एक बहुत बडी समस्या है व बेरोजगारी के कारण ही सभी विधालय में उपयुक्त अध्यापक नही हो पाते व इसके कारण बच्चो का भविष्य भी खराब हो जाता है

भारत में आप खुद जानते है की कितनी ज्यादा बेरोजगारी है व इससे निपटने के लिए कई सारे धरने आदि भी होते है पर इस समस्या से पूर्ण निजात प्राप्त नही हुई है ये एक बेहद गम्भीर समस्या है

आप‌ देखते है की किसी विधालय में 5 अध्यापक की कमी है व उस विधालय में लाख कोशिश के बाद भी 2-3 अध्यापक ही मिल पाते है यह सब बेरोजगारी के कारण होता है व इससे आवश्यता के अनुसार उन्हें पूरा स्टाफ नही मिल पाता

4. आरक्षण

आरक्षण हमारे देश की सबसे बडी समस्या है व अधिकांश समस्या की जड आरक्षण ही है क्युँकि इसके कारण हो व्यक्ति योग्य होते है वो लोग नौकरी प्राप्त नही कर पाते क्युँकि उनके कदम‌ आरक्षण रोक देता है जबकि कई अयोग्य व्यक्ति भी अध्यापक जैसी नौकरी प्राप्त कर लेते हैं सिर्फ आरक्षण के दम पर

आपने कई सारे ऐसे विडिओ देखे होगे जिसमे आपने देखा होगा की खुद अध्यापक को पढाना नही आता और वो लोग भी आज सरकारी अध्यापक की नौकरी प्राप्त किये हुए है व बच्चों को पढा रहे है

इससे आप सब जानते है की आपको या आपके‌ बच्चों के अच्छे भविष्य पर कितना ज्यादा प्रभाव पडता है ऐसे में अगर सरकार आरक्षण को हटा लेती है तो सरकार को सभी योग्य कर्मचारी मिल जाते है

इससे सरकारी कार्य में सुधार आने के साथ ही प्राइमरी की शिक्षा में भी सुधार आता है व योग्य व्यक्ति के पढाने व समझाने का तरीका भी बहुत अच्छा होता है इसलिए इससे बच्चों के भविष्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पडता हैं।

यह सभी प्राइमरी शिक्षा की मुख्य समस्या होती हैं व इसके अलावा भी कई सारी मुख्य समस्या होती है जो की आपको देखने को मिलती हैं व प्राइमरी शिक्षा से सम्बंधित इतनी समस्या है की हम उसको लिख कर नही बता सकते

हमने आपको कुछ खास समस्या बतायी है जो की हकीकत में बेहद गम्भीर समस्या है व हमे उम्मीद है की आपको हमारे द्वारा बतायी गयी जानकारी जरुर पसंद आयी होगी और अगर आप इसके बारे में कोई सवाल पूछना चाहो तो आप हमे‌ comment कर सकते है

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